

चंडीगढ़, 6 नवंबर ( ): भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने कहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसियों को लेकर आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार का दोहरा चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो गया है। उन्होंने कहा कि जब प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पंजाब में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर छापेमारी की जाती है, तो ‘आप’ नेता इन कार्रवाइयों का विरोध करते हुए धरने-प्रदर्शन करते हैं, लेकिन जब अपने राजनीतिक विरोधियों का मामला आता है, तो यही सरकार खुद ईडी को जांच करने के लिए पत्र लिखती है।
चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय से जारी बयान में विजय सांपला ने कहा कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ 40 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश करने के बाद पंजाब सरकार द्वारा ईडी को FIR दर्ज कर जांच करने के लिए पत्र लिखना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ ईडी की कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रतिशोध बताकर विरोध किया जाता है और दूसरी तरफ अपनी राजनीतिक जरूरत के अनुसार उसी एजेंसी से जांच की मांग की जाती है।
मोगा में ‘आप’ विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के घर हुई ईडी की छापेमारी के बाद हंगामा करने वाले हरपाल सिंह चीमा और ‘आप’ नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए विजय सांपला ने पूछा कि यदि ईडी की जांच निष्पक्ष नहीं है, तो मजीठिया मामले में विजिलेंस ब्यूरो ईडी को पत्र क्यों लिख रहा है?
विजय सांपला ने यह भी सवाल किया कि जब ईडी द्वारा बार-बार पत्र लिखकर मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर घुम्मण और उनके सहयोगियों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के मामले में पंजाब पुलिस को FIR दर्ज करने के लिए कहा जा रहा था, तब आम आदमी पार्टी की सरकार सीबीआई और ईडी की कार्रवाई को भाजपा से जोड़कर उसे राजनीतिक प्रतिशोध का नाम दे रही थी।
उन्होंने सवाल किया कि अब बिक्रम मजीठिया के मामले में खुद ईडी को जांच के लिए पत्र लिखने के पीछे सरकार की क्या मंशा है? इसमें कोई संदेह नहीं कि यह आम आदमी पार्टी के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।



