डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के लिए यह अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है कि उसे प्रतिष्ठित ‘इंडिया टुडे-एमडीआरए बेस्ट कॉलेज सर्वे 2026’ में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (जीएनडीयू), अमृतसर से संबद्ध सभी सहशिक्षा महाविद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

‘इंडिया टुडे-एमडीआरए बेस्ट कॉलेज सर्वे’ देश के उच्च शिक्षण संस्थानों की सबसे विश्वसनीय एवं व्यापक वार्षिक रैंकिंग में से एक माना जाता है। इस सर्वेक्षण में महाविद्यालयों का मूल्यांकन शैक्षणिक उत्कृष्टता, संकाय की गुणवत्ता, आधारभूत संरचना, प्लेसमेंट, छात्र विविधता तथा समग्र प्रतिष्ठा जैसे महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर किया जाता है।

यह सर्वोच्च स्थान डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार को प्रोत्साहन तथा उच्चतम शैक्षणिक मानकों के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह उपलब्धि महाविद्यालय के समर्पित शिक्षकों, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, सहयोगी पूर्व छात्र-छात्राओं तथा कर्मठ कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने कहा, “इंडिया टुडे-एमडीआरए द्वारा प्रथम स्थान प्रदान किया जाना डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह सम्मान मूल्याधारित, समग्र एवं कौशल-उन्मुख शिक्षा प्रदान करने के हमारे संकल्प की पुष्टि करता है। यह हमारी शिक्षण-परंपरा, संकाय की निरंतर मेहनत तथा विद्यार्थियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों का प्रतिफल है। हम यह सम्मान संपूर्ण डीएवी परिवार एवं डीएवी कॉलेज प्रबंध समिति, नई दिल्ली को समर्पित करते हैं, जिनका सतत मार्गदर्शन हमारी प्रेरणा और शक्ति रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह उपलब्धि हमें शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा छात्र कल्याण के क्षेत्रों में और अधिक उत्कृष्ट
मानक स्थापित करने के लिए प्रेरित करती है। हम वैश्विक दृष्टिकोण से संपन्न, उत्तरदायी एवं सक्षम नागरिकों के निर्माण हेतु अपने शैक्षणिक वातावरण, आधारभूत संरचना तथा शिक्षण पद्धतियों को निरंतर सुदृढ़ बनाते रहेंगे।”

महाविद्यालय प्रबंधन, संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों तथा पूर्व छात्र-छात्राओं ने इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए समस्त डी.ए.वी. परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

वर्ष 1918 में स्थापित डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर उत्तर भारत के सबसे प्राचीन एवं प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है। अपनी समृद्ध शैक्षणिक परंपरा, सजीव परिसर संस्कृति तथा विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाले पूर्व छात्र-छात्राओं के कारण यह संस्थान विशेष पहचान रखता है। “उद्देश्यपूर्ण शिक्षा” के अपने मूल मंत्र के अनुरूप महाविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करने के लिए निरंतर अग्रसर है।