
जालंधर: पैट्रोल पंपों के डीलर तेल की बिक्री के बदले में ग्राहकों से अब ऑनलाइन पेमैंट स्वीकार करने से किनारा करने लगे। हालांकि कल तक देशभर में पैट्रोलियम इंडस्ट्री से जुड़े डीलर केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए डिजिटल भुगतान अभियान का जी जान के साथ प्रचार प्रसार कर रहे थे और ग्राहकों को कैशलेस योजना के साथ जुड़ने और भुगतान जी.पे, यू.पी.आई. और पे.टी.एम. के माध्यम से करने संबंधी जागरूक करते हुए दिखाई दे रहे थे लेकिन अब केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा उक्त 14 सितंबर को जारी गजट अधिसूचना के बाद हालात पूरी तरह से बदलते हुए नजर आ रहे हैं।पूरा मामला पैट्रोल पंपों पर डीलरों द्वारा 2000 रुपए से अधिक के तेल की बिक्री करने जैसे अति महत्वपूर्ण मामले से जुड़ा हुआ है, जिसमें डीलरों द्वारा कारों, गाड़ियों, ट्रकों, बसों यहां तक कि फैक्ट्रियों आदि में सप्लाई होने वाले 2000 रुपए से अधिक के डीज़ल की बिक्री के बदले में कैशलैस भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज देना पड़ेगा। केंद्र सरकार के उक्त फैसले के बाद पैट्रोलियम डीलर एसोसिएशन पंजाब से जुड़े कारोबारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा आमतौर पर किसी बड़े पैट्रोल पम्प पर रोजाना 2000 रुपए से अधिक के तेल की बिक्री करने संबंधी 2500 से ऊपर ट्रांजैक्शन होती है ऐसे में संबंधित पैट्रोल पंप के डीलर को प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 5 रुपए अपनी जेब से भरने पड़ेंगे। मतलब कि रोजाना करीब 12,500 रुपए का आर्थिक बोझ सहना होगा जो कि पहले से वैंटिलेटर पर लगे पैट्रोलियम कारोबारियों का गला घोंटने के समान है।



