डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी , जालंधर के वैदिक अध्ययन विभाग और शारीरिक शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से ‘वेद प्रचार सप्ताह’ का सफल आयोजन किया गया। सप्ताहभर चले इस विशेष कार्यक्रम में प्रतिदिन यज्ञ, वैदिक प्रवचन, भजन-कीर्तन, प्रेरणादायक व्याख्यान तथा ‘सत्यार्थ प्रकाश’ पुस्तक का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वैदिक साहित्य और जीवन मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना था।
कार्यक्रम के प्रत्येक दिन विभिन्न विभागों के शिक्षकों के नेतृत्व में वैदिक परंपराओं के अनुसार यज्ञ संपन्न हुआ। इसके साथ ही वैदिक दर्शन, महर्षि दयानंद सरस्वती और महात्मा आनंद स्वामी के विचारों, वैदिक मंत्रों के महत्व, नैतिक मूल्यों, आत्म-अनुशासन, सामाजिक सद्भाव और संतुलित जीवन शैली पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने भजन-गायन, कविता पाठ, कहानी वाचन तथा सामूहिक चर्चा में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सकारात्मक वातावरण बना रहा।
समापन समारोह के अवसर पर पूर्णाहुति यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें वाईस चांसलर प्रो. मनोज कुमार, रजिस्ट्रार प्रो. संजीव कुमार अरोड़ा, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर वाईस चांसलर प्रो. मनोज कुमार ने कहा कि वेद मानव जीवन के लिए ज्ञान का अमूल्य स्रोत हैं। वे हमें नैतिक जीवन, वैज्ञानिक सोच और विश्व बंधुत्व की भावना अपनाने की प्रेरणा देते हैं। ‘वेद प्रचार सप्ताह’ के माध्यम से डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने तथा विद्यार्थियों में सत्य, अनुशासन, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे जीवन मूल्यों को विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
रजिस्ट्रार डॉ. संजीव कुमार अरोड़ा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा से जोड़ते हैं। साथ ही, वे एकता, सकारात्मक सोच और चरित्र निर्माण की भावना को भी मजबूत करते हैं। यह कार्यक्रम वैदिक शिक्षा के प्रसार के साथ-साथ विश्वविद्यालय में मूल्य-आधारित शिक्षा के वातावरण को और सुदृढ़ बनाता है।
वेद प्रचार सप्ताह का सफल आयोजन इस बात का प्रमाण है कि डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी भारत की वैदिक विरासत को आधुनिक शिक्षा से जोड़ते हुए सामाजिक रूप से जिम्मेदार, नैतिक मूल्यों से युक्त और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े नागरिक तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।