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मैसर्स जे सी टी फगवाड़ा एवं मैसर्स J.C.T. Limited (Filament Unit), Hoshiarpur के पूर्व कर्मचारियों/ पीएफ सदस्यों से सैकड़ों शिकायतें प्राप्त हो रही है कि उन्हें अपना पीएफ/PF का पैसा मिलेगा या नहीं ?

मैसर्स J.C.T. Ltd, Phagwara एवं मैसर्स J.C.T. Limited (Filament Unit), Hoshiarpur के पूर्व कर्मचारियों/ पीएफ सदस्यों से सैकड़ों शिकायतें प्राप्त हो रही है कि उन्हें अपना पीएफ/PF का पैसा मिलेगा या नहीं ?
इस संबंध में ई.पी.एफ.ओ., क्षेत्रीय कार्यालय, जालंधर सभी पूर्व कर्मचारियों/ पीएफ सदस्यों को विश्वास दिलाता है कि उनका पीएफ का एक-एक रूपया निश्चित रूप से मिलेगा । इसके लिए यह कार्यालय प्रतिबद्ध है ।
– मैसर्स J.C.T. Ltd, Phagwara
पी.एफ ऑफिस क्षेत्रीय कार्यालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के रीजनल कमिश्नर श्री पंकज कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि लगभग 82 करोड़ रूपया उक्त संस्थान के सदस्यों के पीएफ खाते में क्रेडिट किया जाना है। जिसमें से अभी केवल लगभग 64 करोड़ रूपये की पीएफ की राशि दिसंबर/2022 तक का पीएफ अंशदान एवं वर्ष 2022-23 तक का ब्याज ही उनके खाते में क्रेडिट किया जा रहा है।
बकाया राशि यह कार्यालय निन्नलिखित कारणों से क्रेडिट करने में असमर्थ है।
माननीय नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल (NCLT) के आदेश दिनांक 24/10/2024 के अनुसार उक्त संस्थानों के विरूद्ध Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 के अधीन Corporate Insolvency Resolution Process प्रारंभ हो गया है एवं आदेश दिनांक 16/09/2025 के अनुसार श्री उमेश गर्ग को संस्थान का Resolution Professional (RP) नियुक्त किया गया है । श्री उमेश गर्ग, Resolution Professional (आर.पी.) द्वारा M/s J.C.T. Mills EPF Trust, Phagwara (ट्रस्ट) की सिक्योरिटीज को बेच कर कुल राशि रू124.34 करोड़ दिनांक 03/09/2026 तक इस कार्यालय में जमा कराई गई है उसका कोई भी ब्योरा/दस्तावेज जैसे कि जैसे कि दिनांक 31/03/2023, 31/03/2024 एवं 31/03/2025 को Securities की Value, Transaction details, उक्त ट्रस्ट की वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की बैलेंश शीट आदि RP ने नहीं दिया है एवं थर्ड पार्टी ऑडिट रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं किया है । हालांकि इस संबंध में RP को दर्जनों बार (पत्र/ ई-मेल/ मौखिक माध्यम से) कहा जा चुका है ।
चुंकि ट्रस्ट द्वारा उस वर्ष में कमाए गए लाभ के आधार पर ही पीएफ सदस्यों को ब्याज का भुगतान किया जाता है। अतः उक्त विवरण /दस्तावेजों के अभाव में यह पता लगाना असंभव है कि ट्रस्ट ने संबंधित वर्षों में लाभ कमाया या कोई हानि हुई है । की ट्रस्ट की Securities उस तिथि को लाभ पर बेची गई है या हानि पर ? किसी भी तरह की हानि होने की स्थिति में इसकी वसूली भी संस्थान से की जाएगी । क्या ट्रस्ट की सभी Securities बेची गई है या अभी भी कुछ शेष है ? हालांकि उक्त वर्ष का ब्याज भी सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारण करके आर.पी. के समक्ष कलेम कर दिया गया है एवं उक्त दस्तावेजों के प्राप्त होते ही अगली कार्रवाई करते हुए उक्त वर्ष का ब्याज भी क्रेडिट कर दिया जाएगा।
वर्ष 2025-26 के ब्याज के भुगतान के लिए भी यह कार्यालय प्रतिबद्ध है परंतु यह ब्याज भी आर.पी. द्वारा उक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद ही क्रेडिट किया जाएगा ।
इसके अतिरिक्त, इस कार्यालय द्वारा उपर्युक्त वर्षों के लिए देय ब्याज का आकलन करके संबंधित दावा पहले ही रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल (RP) के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। अतः ट्रस्ट को किसी भी प्रकार की हानि होने की स्थिति में भी सदस्यों के ब्याज संबंधी हित सुरक्षित रहेंगे।
इसके अतिरिक्त आपको यह भी अवगत कराया जाता है कि पीएफ की राशि क्रेडिट करने के लिए बहुत सारा डाटा जैसे कि सदस्यों के नाम, पिता का नाम, Date of joining, Date of leaving, UAN एवं 31/03/2025 तक का Past Accumulations आदि (जिनके खाते में उक्त पीएफ राशि क्रेडिट किया जाना है), UAN संख्या आदि की जरूरत पड़ती है। इस संस्थान में कुल 24800 सदस्य थे एवं संस्थान के बंद होने और ट्रस्ट के सदस्यों के उपलब्ध नहीं होने के कारण इस कार्यालय को इसे जुटाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा । जबकि इसे उपलब्ध कराने का काम ट्रस्ट का ही है ।
चुंकि ई.पी.एफ.ओ. सभी सदस्यों को पीएफ का लाभ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है । अतः उक्त डाटा उपलब्ध कराने एवं उसके सत्यापन हेतु इस कार्यालय के एक 10 सदस्यों की टीम को सक्षम अधिकारी द्वारा उक्त संस्थान में तैनात किया । टीम के लगातार प्रयत्नों से लगभग 5-6 महीने में उक्त डाटा तैयार कर लिया गया है । अतः अब उक्त राशि अगले 15 दिनों तक सदस्यों के खाते में क्रेडिट कर दिया जाएगा । किसी तरह की तकनिकी समस्या आने पर कुछ ज्यादा समय भी लग सकते हैं।
उक्त राशि 64 करोड़ के अतिरिक्त RP के समक्ष शेष रू 54.51 करोड़ का दावा इस कार्यालय के पत्र दिनांक 08/10/2026 द्वारा कर दिया गया है। विशेष परिस्थिति में यदि RP द्वारा उक्त दस्तावेत एवं बकाया राशि जमा नहीं कराया जाता है तो यह कार्यालय माननीय नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्युनल (NCLAT), नई दिल्ली के समक्ष अपना दावा प्रस्तुत करने एवं आदेशानुसार अगली कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा । एहतियात के तौर इस कार्यालय द्वारा माननीय नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल, चंडीगढ़ के समक्ष केस संख्या CP(IB)No.325/Chd/Pb/2023 के संदर्भ में अपना पक्ष रखने के लिए दिनांक 02/02/2026 को केस फाईल कर दिया गया है।
इस संबंध में अवगत कराया जाता है कि इस कार्यालय द्वारा सभी बकाया राशि का निर्धारण एवं उसका दावा आर.पी. के समक्ष ससमय किया गया है एवं इसमें एक दिन की भी देरी नहीं हुई है ।
पीएफ विभाग द्वारा समय से की गई कार्रवाई से सदस्यों को कई फायदे हुए हैं-
चुंकि यह एक छुट प्राप्त संस्थान/Exempted Establishment थी तो एक वर्ष में केवल एक बार ही इसकी ऑडिट होती है। वर्ष 2022-23 के ऑडिट की रिपोर्ट में पाई गई विसंगतियों एवं जमा न किए गए अंशदान को दिन-प्रतिदिन के आधार पर उस पर इनक्वायरी चलाई गई एवं बकाया निर्धारण समय रहते किया गया ।
वर्ष 2022-23 में कुछ सदस्यों का पीएफ काट कर ट्रस्ट में जमा नहीं कराया गया था जिसके कारण संस्थान के विरूद्ध FIR कराने का आवेदन पुलिस को दी गई परंतु कुछ भ्रांतियों के कारण इसमें देरी हुई। हालांकि माननीय न्यायालय के हस्तक्षेप से बाद में FIR करा लिया गया।
इसी बीच माह सितंबर-अक्टूबर, 2024 के दौरान सदस्यों द्वारा कुछ शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें बताया गया कि ट्रस्ट द्वारा पीएफ का भुगतान नियमानुसार नहीं हो रहा है । इसके मद्दे नजर, इस कार्यालय द्वारा सभी संबंधित Depository Participants i.e. HDFC Bank, Axis Bank, NSDL, Indian Bank, Punjab National Bank आदि को भुगतान न करने का निर्देश दिया गया । साथ में यह भी निर्देश दिया गया कि केवल क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, जालंधर के अनुमोदन के बाद ही पीएफ का भुगतान FIFO (First In First Out) के माध्यम से किया जाए ।
परिणामस्वरूप, सितंबर 2024 के महीने में केवल तीन दावों का निपटान किया गया तथा अक्टूबर 2024 के महीने में एक दावे का निपटान किया गया। इसके पश्चात किसी भी दावे का निपटान नहीं किया गया, जिसके परिणामस्वरूप सदस्यों की पी.एफ. राशि ट्रस्ट में सुरक्षित रही।उक्त ट्रस्ट लाभ में रहा और ट्रस्ट की राशि ई.पी.एफ.ओ. में जमा कराई जा सकी।
संस्थान द्वारा अभी हाल ही में पिछले हफ्ते ही मांगा गया डाटा दिया गया जिसमें पाया गया कि 12/2022 से 03/2025 तक कुल 407 सदस्यों के पीएफ दावा की राशि रु 59,65000/- ब्याज रू492113/- का भुगतान ट्रस्ट में जमा अतिरिक्त लाभ से किया गया जबकि यह अंशदान संस्थान ने ट्रस्ट में जमा नहीं कराया था। यह राशि भी आर.पी. के समक्ष कलेम कर दी गई है। ऐसे भुगतान से सदस्यों के पीएफ एवं उनके अंशदान पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

इसके अतिरिक्त ट्रस्ट द्वारा कुछ पीएफ दावे का निपटान FIFO को फालो करते हुए नहीं किया गया। इस पर नियमानुसार बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के उपर कोई क्रिमिनल केस नहीं बनता है। हालांकि बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने संस्थान को दी गई ईपीएफ छूट/Exemption का नाजायज फायदा उठाया । अतः संस्थान को दी गई ईपीएफ छूट/Exemption को रद्द करने की प्रक्रिया समय रहते की गई एवं इसका प्रस्ताव पत्र दिनांक 26/09/2024 के द्वारा मुख्यालय को समय पर भेज दिया गया साथ ही बकाया पीएफ राशि का दावा आर.पी. के समक्ष कर दिया गया है।
– मैसर्स J.C.T. Limited (Filament Unit), Hoshiarpur
इस संस्थान के संबंध में यह अवगत कराया जाता है कि इसका Past Accumulation का डाटा अभी तक सत्यापित नहीं किया जा सका है। चुंकि इस कार्यालय के पास उक्त ट्रस्ट एवं मैसर्स J.C.T. Ltd, Phagwara का डाटा उपलब्ध है। अतः यह कार्यालय इस संस्थान के सभी सदस्यों के पीएफ राशि को क्रेडिट करने के लिए एक अन्य मेकेनिज्म/प्रक्रिया तैयार कर रहा है ताकि समय रहते उनके खाते में भी पीएफ अंशदान क्रेडिट किया जा सके। यह कार्यालय इस संस्थान के सभी पूर्व कर्मचारियों/ पीएफ सदस्यों का पीएफ अंशदान अगले 15 दिनों के अंदर-अंदर उनके पीएफ खाते में क्रेडिट करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

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