

जालंधर 2 नवंबर 2026 ( ) : भारतीय जनता पार्टी के जिला मुख्य प्रवक्ता एवं जिला पदाधिकारयो ने 1984 के सिख नरसंहार की बरसी के अवसर पर दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस द्वारा आयोजित राजनीतिक रैली की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर सिख कौम के लिए शोक, पीड़ा और इतिहास के सबसे दुखद अध्यायों में से एक की याद का दिन है। ऐसे दिन दिल्ली में राजनीतिक रैली करना 42 साल पुराने जख्मों को फिर से कुरेदने जैसा है।
भाजपा जिला के मुख्य प्रवक्ता जोली बेदी , उपाध्यक्ष गुरदेव सिंह गोल्डी भाटिया, पार्षद मनजीत सिंह टीटू ( विपक्षदल नेता), पार्षद कंवर सरताज सिंह , प्रवक्ता मक्खन सिंह , जसबीर सिंह जज ने कहा कि कांग्रेस की यह रैली पार्टी की उसी मानसिकता को उजागर करती है, जिसके तहत एक सोची-समझी साजिश के तहत नरसंहार करवाया गया, उसके दोषियों को संरक्षण दिया गया और उन्हें सांसद, केंद्रीय मंत्री तथा मुख्यमंत्री जैसे उच्च पदों से नवाजा गया।
उन्होंने कहा कि 1984 में दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हजारों निर्दोष सिखों का कत्लेआम किया गया। हजारों लोगों के गले में टायर डालकर उन्हें जिंदा जला दिया गया, बेटियों और बहनों की इज्जत लूटी गई तथा उनके कारोबार तबाह कर दिए गए। इस त्रासदी ने सिखों की कई पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया। इसलिए 1 नवंबर कोई सामान्य तारीख नहीं, बल्कि ऐसा दर्द है, जो चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आज भी ताजा है। इसके जख्म आज भी हरे हैं। यह ऐसा अपराध है, जिसे न तो माफ किया जा सकता है और न ही भुलाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने इस दिन दिल्ली में राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन करके अपनी सिख विरोधी मानसिकता को एक बार फिर उजागर किया है। जिन लोगों ने अपने घरों के चिराग खोए हैं, उनके दर्द को राजनीतिक मंच की सीढ़ी बनाना बेहद निंदनीय है। 1 नवंबर राजनीतिक रैलियों का नहीं, बल्कि सिख कौम के दर्द को याद करने, बिछुड़ी आत्माओं को श्रद्धांजलि देने और न्याय की आवाज बुलंद करने का दिन है।



