पंजाबशिक्षा और संस्कृति

एच.एम.वी. में गीत, ग़ज़ल और नज़्म के तुलनात्मक अध्ययन विषय पर व्यायान का आयोजन

हंस राज महिला महाविद्यालय के पीजी संगीत विभाग ने प्रिंसिपल डॉ. (श्रीमती) एकता खोसला के कुशल मार्गदर्शन में हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी विभागों के सहयोग से एक विशेष गैस्ट लैक्चर का आयोजन किया। लैक्चर का विषय था ‘गीत, ग़ज़ल और नज़्म : काव्य और सौंदर्यशास्त्र का एक तुलनात्मक अध्ययनÓ, जिसने छात्रों को साहित्य और संगीत के बीच गहरे अंतर्संबंधों से परिचित कराया। कार्यक्रम के मुय वक्ता संगीत कला को समर्पित कई पुस्तकों के प्रसिद्ध विद्वान और लेखक प्रो. अरिंदर सिंह थे। अपने संबोधन में उन्होंने गीत, ग़ज़ल और नज़्म की संरचना, भावनात्मक गहराई, भाषाई शैली और सौंदर्यपरक पहलुओं का विस्तार से विश्लेषण किया। उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने समझाया कि कैसे ये तीनों रूप, अपनी विशिष्टता में अलग होते हुए भी, आपस में जुड़े हुए हैं और संगीत के माध्यम से और भी अधिक महत्वपूर्ण बन जाते हैं। उन्होंने ‘सुरÓ (धुन) से प्रेम करने का संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम सागर के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन टीम में डॉ. नवरूप, डॉ. ममता, डॉ. ज्योति गोगिया, डॉ. रामनीता सैनी शारदा और डॉ. आशमीन शामिल थे, जिनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय था। मंच संचालन डॉ. गुंजन ने किया। इस अवसर पर, प्रिंसिपल डॉ. एकता खोसला ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संगीत और साहित्य का यह मेल छात्रों में रचनात्मकता, संवेदनशीलता और सौंदर्यबोध विकसित करता है। आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए, उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। संगीत विभाग के अन्य फैकल्टी सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित थे और उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया। अंत में डॉ. प्रेम सागर ने सभी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

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