स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी तथा अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सी टी यूनिवर्सिटी की रोबोटिक्स प्रयोगशाला ने स्मार्ट अंग परिवहन पेटी विकसित की है। यह अत्याधुनिक प्रणाली तात्कालिक पर्यावरणीय निगरानी, वस्तुओं के इंटरनेट (आईओटी) आधारित संयोजकता तथा ब्लॉकचेन तकनीक की सहायता से अंगों के सुरक्षित एवं विश्वसनीय परिवहन को सुनिश्चित करती है।

यह नवाचार अंग प्रत्यारोपण की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक—परिवहन के दौरान अंगों को सुरक्षित एवं उपयुक्त परिस्थितियों में संरक्षित रखने—का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है। यह स्मार्ट पेटी यात्रा के दौरान तापमान एवं आर्द्रता जैसे महत्वपूर्ण मानकों की निरंतर निगरानी करती है, जिससे अंगों की गुणवत्ता सुरक्षित बनी रहती है। यदि पेटी को अनधिकृत रूप से खोला जाता है, तो यह तुरंत चेतावनी भी प्रदान करती है।

इस स्मार्ट अंग परिवहन पेटी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी किफायती लागत है। इसे ₹8,000 से कम लागत में विकसित किया गया है, जिससे यह देशभर के अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों तथा अंग प्रत्यारोपण संगठनों के लिए एक व्यवहारिक एवं सुलभ समाधान बन सकती है।

वस्तुओं का इंटरनेट, संवेदक और ब्लॉकचेन बढ़ाएंगे पारदर्शिता, सुरक्षा एवं विश्वसनीयता

विशेषज्ञों ने बताया कि प्राप्तकर्ता वस्तुओं के इंटरनेट आधारित नियंत्रण पट्ट (डैशबोर्ड) के माध्यम से परिवहन के दौरान सभी महत्वपूर्ण मानकों की तात्कालिक निगरानी कर सकता है। यदि किसी प्रकार की असामान्य स्थिति उत्पन्न होती है, तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ तुरंत आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं।

सी टी यूनिवर्सिटी के पीएचडी स्नातक डॉ. गीत बावा ने बताया कि इस प्रणाली में ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से स्मार्ट अनुबंधों का उपयोग किया गया है, जो संवेदकों द्वारा एकत्रित आँकड़ों को सुरक्षित, विकेन्द्रीकृत तथा छेड़छाड़-रोधी रूप में संग्रहीत करते हैं। इससे परिवहन के दौरान दर्ज सभी अभिलेख अपरिवर्तनीय, प्रमाणिक तथा पूर्णतः पारदर्शी बने रहते हैं।

इस स्मार्ट अंग परिवहन पेटी में तापमान, प्रकाश तथा त्वरण मापक संवेदक लगाए गए हैं, जिन्हें नोडएमसीयू ईएसपी-32 वाई-फाई समर्थित सूक्ष्म नियंत्रक से जोड़ा गया है। इसमें एक पुनर्भरणीय बैटरी भी लगी है, जो एक बार पूर्ण रूप से चार्ज होने पर 24 घंटे से अधिक समय तक कार्य कर सकती है। इसलिए यह लंबी दूरी के अंग परिवहन के लिए भी उपयुक्त है।

इस नवाचार को रोबोटिक्स प्रयोगशाला की टीम—धरमप्रीत सिंह, पुलकित सांगर तथा गुरकीरत सिंह—ने डॉ. हरमीत सिंह के मार्गदर्शन में मात्र तीन दिनों में विकसित किया।

प्रो-चांसलर डॉ. मनबीर सिंह का वक्तव्य

“सी टी यूनिवर्सिटी में हमारा दृढ़ विश्वास है कि प्रौद्योगिकी का उद्देश्य मानवता की सेवा करना होना चाहिए। स्मार्ट अंग परिवहन पेटी इसी सोच का परिणाम है। अंग प्रत्यारोपण समय के विरुद्ध चलने वाली एक अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया है और यह नवाचार अंगों के सुरक्षित, पारदर्शी एवं विश्वसनीय परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हमें अपने शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों पर गर्व है, जिन्होंने समाज के लिए उपयोगी, किफायती और प्रभावी समाधान विकसित कर विश्वविद्यालय की अनुसंधान, नवाचार तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को सशक्त किया है।”

रोबोटिक्स प्रयोगशाला के प्रमुख डॉ. हरमीत सिंह का वक्तव्य

“हमारा उद्देश्य एक ऐसा विश्वसनीय, बुद्धिमान और किफायती समाधान विकसित करना था, जो परिवहन के दौरान अंग की स्थिति की निरंतर निगरानी कर सके तथा किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में संबंधित पक्षों को तत्काल सूचना दे सके। वस्तुओं के इंटरनेट के माध्यम से स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी महत्वपूर्ण मानकों की तात्कालिक निगरानी कर सकते हैं, जबकि ब्लॉकचेन तकनीक परिवहन से जुड़े सभी अभिलेखों को सुरक्षित एवं छेड़छाड़-रोधी बनाए रखती है। हमें विश्वास है कि यह स्मार्ट अंग परिवहन पेटी अस्पतालों तथा अंग प्रत्यारोपण नेटवर्क के लिए एक अत्यंत उपयोगी तकनीकी समाधान सिद्ध होगी।”