सी टी यूनिवर्सिटी ने पंजाब की समृद्ध लोक विरासत को समर्पित तीसरे ‘रंग पंजाबी’ सोलो भांगड़ा एवं गिद्धा कप 2026 का भव्य आयोजन किया। इस सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 100 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने जोशीले भांगड़ा और मनमोहक गिद्धा प्रस्तुतियों के माध्यम से पंजाब की जीवंत संस्कृति, परंपराओं और लोक कला का शानदार प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता का आयोजन छह वर्गों—सब जूनियर गर्ल्स, सब जूनियर बॉयज़, जूनियर गर्ल्स, जूनियर बॉयज़, सीनियर गर्ल्स और सीनियर बॉयज़—में किया गया। दिनभर चली प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और सांस्कृतिक समर्पण से दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दविंदर जुगनी, राज्य पुरस्कार विजेता एवं अंडर सेक्रेटरी, उद्योग एवं नागरिक उड्डयन विभाग, पंजाब, चंडीगढ़; सुखविंदर सिंह विर्क, सहायक प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, पीजी पंजाबी विभाग, जीएनएन कॉलेज, दोराहा तथा डायरेक्टर, वर्ल्ड फोक फेस्टिवल, कनाडा; और तेहल सिंह खीवा, पंजाब के अंतरराष्ट्रीय लोक नृत्य प्रशिक्षक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पंजाबी संस्कृति के संरक्षण और युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए सीटी यूनिवर्सिटी की सराहना की।

प्रतियोगिता में ₹1 लाख की कुल पुरस्कार राशि वितरित की गई। सभी छह वर्गों में कुल 18 विजेताओं को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

सब जूनियर गर्ल्स वर्ग में एवरीन कौर ने प्रथम, नवगुन कौर ने द्वितीय तथा समृद्धि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सब जूनियर बॉयज़ वर्ग में लक्षदीप सिंह प्रथम, वंश द्वितीय और जपतेज सिंह दुआ तृतीय स्थान पर रहे।

जूनियर गर्ल्स वर्ग में तानी प्रथम, अर्चना द्वितीय तथा गुरलीन कौर तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं जूनियर बॉयज़ वर्ग में जसमीत भामराह ने प्रथम, राजवीर सिंह ने द्वितीय और अनमोल सिंह ने तृतीय स्थान हासिल किया।

सीनियर गर्ल्स वर्ग में बंजुल प्रथम, सुखप्रीत कौर द्वितीय और पायल शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। सीनियर बॉयज़ वर्ग में भानुप्रताप ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि अमृतपाल सिंह और अंश गोयल क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे।

कार्यक्रम के दौरान पंजाब की लोक संस्कृति और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में उनके अमूल्य योगदान के लिए पप्पी गिल, मेजर चाठा तथा जसवीर कौर बैंस को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रीतपाल सिंह नंगल, पवन अजिमल, हरमन रतन, मनप्रीत सिंह और शैरी मानक की निर्णायक मंडली ने किया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और पंजाबी लोक संस्कृति के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।

इस अवसर पर प्रो चांसलर डॉ. मनबीर सिंह ने सभी प्रतिभागियों एवं विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि सी टी यूनिवर्सिटी पंजाब की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ लोक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं।

डायरेक्टर, डिपार्टमेंट ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर, इंजी. दविंदर सिंह ने कहा कि ‘रंग पंजाबी’ अब विश्वविद्यालय का प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन बन चुका है, जिसमें हर वर्ष क्षेत्रभर से प्रतिभाशाली कलाकार भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ती भागीदारी विश्वविद्यालय की पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और पारंपरिक लोक कलाओं को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कार्यक्रम का समापन भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें विजेताओं, प्रतिभागियों, निर्णायकों एवं विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन ने एक बार फिर पंजाब की समृद्ध लोक संस्कृति के संरक्षण और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रति सी टी यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।