नई दिल्ली/जालंधर 3 जुलाई (नितिन कौड़ा ) :  पंजाब सरकार के पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं करतारपुर तथा फिल्लौर से पूर्व विधायक अविनाश चंद्र ने नई दिल्ली स्थित भारत सरकार के राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के कार्यालय में आयोग के वाइस चेयरमैन हरदीप सिंह गिल से मुलाकात कर पंजाब के सफाई कर्मचारियों से जुड़े गंभीर मुद्दों और कथित समस्याओं को विस्तार से रखा।
अविनाश चंद्र ने बताया कि पंजाब की 13 नगर निगम, 76 नगर परिषद और 21 नगर पंचायतों सहित कुल 110 शहरी स्थानीय निकायों में कार्यरत हजारों सफाई कर्मचारी आज भी ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के कारण कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनेक स्थानों पर कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा, ईपीएफ और ईएसआई जैसी वैधानिक सुविधाओं के पालन को लेकर शिकायतें हैं, वर्षों की सेवा के बावजूद नियमितीकरण नहीं हुआ तथा सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, आधुनिक मशीनें, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
अविनाश चंद्र ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज सफाई कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। उन्होंने मांग की कि ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था की समीक्षा कर कर्मचारियों को राहत दी जाए, समय पर वेतन सुनिश्चित किया जाए, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती हो, ईपीएफ-ईएसआई का पूरा लाभ मिले, सभी पात्र कर्मचारियों को बीमा योजनाओं का लाभ दिया जाए, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं तथा सफाई कर्मचारियों के सम्मान और सेवा सुरक्षा की गारंटी दी जाए।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के वाइस चेयरमैन हरदीप सिंह गिल ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और कहा कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोग को प्राप्त शिकायतों का परीक्षण किया जाएगा और आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों एवं पंजाब सरकार से रिपोर्ट तलब कर उचित कार्रवाई की जाएगी।हरदीप सिंह गिल ने कहा कि सफाई कर्मचारी देश की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्हें सुरक्षित कार्य वातावरण, समय पर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कानून के अनुरूप सभी सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है। यदि किसी स्तर पर उनके अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है, तो राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग अपने अधिकार क्षेत्र के अनुसार आवश्यक कदम उठाएगा।
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सफाई कर्मचारियों के हित सर्वोपरि हैं और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए तथा केंद्र सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।