दिल्ली: अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ सकता है। अमेरिकी सीनेट ने रूस से जुड़े एक अहम प्रतिबंध बिल को पास कर दिया है। यानी यह बिल अब बहस के लिए सीनेट में आगे बढ़ चुका है। इस फैसले ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि इस बिल के पास होने से भारत पर भारी-भरकम 100 फीसदी तक का टैरिफ लगाए जाने का रिस्क पैदा हो गया है।प्रतिबंधों से जुड़े इस बड़े कानून को दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया था। इसे तब पेश किया गया जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अमेरिका का दौरा कर रहे थे। इस बिल का मकसद यूक्रेन पर हमले को लेकर रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है।चीन के बाद भारत, रूस से कच्चा तेल खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है। बिल को आगे बढ़ाने के लिए हुई वोटिंग में 86 वोट पक्ष में और 12 वोट विपक्ष में पड़े। इस बिल का मकसद रूसी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाना और भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर भारी टैरिफ लगाने की मंजूरी देना है, ताकि रूसी ऊर्जा पर उनकी निर्भरता कम की जा सके।बता दें कि यह बिल अमेरिकी सीनेट में आगे बढ़ चुका है, लेकिन अभी पूरी तरह कानून नहीं बना है। यह सिर्फ पहला कदम था- बिल पर बहस और अंतिम वोट के लिए फ्लोर पर लाने की अनुमति मिल गई। हालांकि सीनेट में 60 से ज्यादा सांसद इस बिल के सह-प्रायोजक हैं, इसलिए पास होने की पूरी संभावना है।