सी टी यूनिवर्सिटी ने जज़्बे, संघर्ष और राष्ट्रीय गौरव की इस प्रेरणादायक कहानी का मनाया उत्सव

जहां कई युवा खिलाड़ियों के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करना केवल एक सपना होता है, वहीं सी टी यूनिवर्सिटी की द्वितीय वर्ष की बीए छात्रा स्नेहा घरामी ने अपने अथक परिश्रम, अटूट हौसले और कठिन आर्थिक परिस्थितियों से लड़ते हुए इस सपने को साकार कर दिखाया है।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा की रहने वाली स्नेहा का चयन 17 से 27 सितंबर 2026 तक कनाडा के विनिपेग में आयोजित होने वाली कॉमनवेल्थ पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में जूनियर 76 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए हुआ है।

इस उपलब्धि के पीछे संघर्ष और आत्मविश्वास की एक प्रेरणादायक कहानी है। आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाली स्नेहा को अपने खेल करियर को आगे बढ़ाने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। सी टी यूनिवर्सिटी की स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप योजना ने उन्हें शिक्षा और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दोनों जारी रखने का अवसर दिया, जिससे वे अपने सपनों की ओर लगातार आगे बढ़ती रहीं।

स्नेहा का चयन हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय इक्विप्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के बाद हुआ। उन्होंने स्क्वाट में 222.5 किलोग्राम वजन उठाकर अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड (212.5 किलोग्राम) तोड़ दिया। इसके अलावा उन्होंने स्क्वाट और डेडलिफ्ट में स्वर्ण पदक तथा बेंच प्रेस में रजत पदक जीतकर भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की।

स्नेहा का सफर लगातार उपलब्धियों से भरा रहा है। इससे पहले वह एशियन इक्विप्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण पदक, राष्ट्रीय इक्विप्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप (पंजाब, 2024) में ओवरऑल गोल्ड, तथा फेडरेशन कप पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप (दिल्ली, 2024) में भी ओवरऑल गोल्ड अपने नाम कर चुकी हैं। आज उनकी कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।

इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सी टी यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डॉ. मनबीर सिंह ने कहा,

“स्नेहा की उपलब्धि केवल खेलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, साहस और अटूट विश्वास की मिसाल है। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। सी टी यूनिवर्सिटी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को हर संभव अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उनका चयन पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है और हमें विश्वास है कि वह देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगी।”

डायरेक्टर स्पोर्ट्स गुरदीप सिंह ने कहा,

“स्नेहा ने शुरुआत से ही अनुशासन, समर्पण और कठिन मेहनत का परिचय दिया है। उन्होंने जो भी रिकॉर्ड बनाए हैं, वे वर्षों की मेहनत का परिणाम हैं। हमें गर्व है कि हमने उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में विकसित होते देखा है और हमें पूरा विश्वास है कि वह भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन करेंगी।”

डायरेक्टर, डिपार्टमेंट ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू), इंजीनियर दविंदर सिंह ने कहा,

“स्नेहा की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सी टी यूनिवर्सिटी कक्षा के बाहर भी विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनकी यात्रा हर छात्र को यह संदेश देती है कि यदि दृढ़ संकल्प के साथ सही अवसर मिल जाएं, तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में नहीं आ सकती।”

भारतीय जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतरने जा रही स्नेहा घरामी की यह उपलब्धि केवल खेल जगत की सफलता नहीं, बल्कि इस विश्वास का प्रतीक है कि जब दृढ़ संकल्प को सही अवसर मिलते हैं, तो कोई भी सपना असंभव नहीं रहता। उनकी सफलता ने सी टी यूनिवर्सिटी की उस गौरवशाली परंपरा में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है, जहां से निकलने वाले खिलाड़ी देश का नाम विश्वभर में रोशन कर रहे हैं।
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