जालंधर: आज यहाँ स्थानीय होटल में नीमा फ़ीमेल फोरम की मीटिंग का आयोजन डॉ रीना कक्कड़ की अध्यक्षता में हुआ जिसमें शहर की मशहूर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ शैल कौर मुख्य वक्ता के रूप में और डी ऐ वी आयुर्वेदिक कॉलेज की प्राचार्य डॉ रजनी ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं
सर्व प्रथम भगवान धन्वंतरि पूजन के बाद
डॉ शैल कौर ने गर्भाशय शोथ तथा बच्चे दानी की रसौली के बारे मे विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि ये किसी भी उम्र के दौरान होने वाली बीमारियाँ हैं यानी कि कुँवारी लड़की से लेकर अधेड़ उम्र की महिलाओं तक को ये समस्या हो सकती है जिसमें माहवारी 🩸 के दौरान तीव्र दर्द होता है
इसमें लड़कियों के शरीर में विकासात्मक बदलाव और गलत खानपान का प्रभाव भी होता है
इस बीमारी को गाँवों में या पुरानी विचारधारा के लोग अक्सर नज़रअंदाज़ करते हैं कि ये समस्या बहुत आम है जो कि गलत है
इसके लिए समयावधि में डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाओं को ज़्यादा तकलीफ़ से ना गुज़रना पड़े
इसके बाद डॉक्टर रजनी ठाकुर ने इसी बिमारी का आयुर्वेदिक तरीक़े से इलाज बताते हुए कहा कि उत्तर बस्ति , औषधि तथा अन्य कई प्रकार के उपचार से भी इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है
इसके बाद डॉ रीना कक्कड़ ने एक अगस्त से आठ अगस्त तक चलने वाले ब्रेस्ट फ़ीडिंग सप्ताह के अंतर्गत सभी सदस्यों को अपने अपने क्लीनिक पर गर्भवती तथा जच्चा औरतो को स्तनपान करवाने के लिए जागरूक करने के लिए कहा
अंत में नीमा पंजाब की अध्यक्षा डॉ वीना गूंबर ने मुख्य अतिथि, वक्ता और आये हुए अतिथियों का आभार प्रकट किया तथा कोषाध्यक्षा डॉ वंदना यश का इस मीटिंग में योगदान के लिए तथा फ़ाइनैंस इक्ट्ठा करने के लिये आभार प्रकट किया
मंच का संचालन सैक्टरी डॉ वनीता गोस्वामी ने बहुत अच्छा किया
इस सभा में नीमा जालंधर के अध्यक्ष
डॉ एस पी डालिया
पंजाब नीमा ने महासचिव
डॉ अनिल नागरथ
डॉ राजीव धवन
डॉ वरूण अग्रवाल के इलावा
डॉ सुनीता नागरथ
डॉ तमन्ना
डॉ रीना मल्होत्रा
डॉ रूपिंदर
डॉ मोनिका
डॉ आशिम सहगल
डॉ अनुपमा सूद
डॉ मीनल
डॉ सुप्रिया क्वात्रा
डॉ रेनू महाजन
डॉ अलका खन्ना डॉ नवनीत
डॉ आँचल दूबे
डॉ वनीता चांदना
डॉ अकांक्षा गुप्ता
तथा अन्य उपस्थित थे