

दिल्ली: अगर बैंक आपकी इजाज़त के बिना आपके खाते से पैसे काटता है या गलत तरीके से किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर देता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। तेलंगाना स्थित वारंगल ज़िला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने Union Bank of India को सेवा में गंभीर लापरवाही और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराते हुए पीड़ित ग्राहक को ₹2.29 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया है।यह आदेश तब दिया गया जब कमीशन ने पाया कि बैंक की सेवा में कमी के कारण दंपत्ति के खाते से 1.09 लाख रुपये गलती से किसी तीसरे पक्ष के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए थे।वारंगल ज़िला कंज्यूमर कमीशन के प्रेसिडेंट जी. नागराजू और सदस्य वी. जनार्दन रेड्डी उस शिकायत पर सुनवाई कर रहे थे जो दंपत्ति ने दर्ज कराई थी। दंपत्ति का यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया में एक जॉइंट सेविंग्स अकाउंट और एक जॉइंट प्रॉपर्टी टर्म लोन अकाउंट था।दंपत्ति ने बताया कि उनका एक जॉइंट सेविंग्स अकाउंट और 57.80 लाख रुपये का जॉइंट प्रॉपर्टी टर्म लोन अकाउंट था, जिसे 168 EMI में चुकाना था और EMI की रकम 66,684 रुपये थी। वे नियमित रूप से EMI का भुगतान कर रहे थे और उन्होंने बैंक को अपने सेविंग्स अकाउंट से मासिक किश्तें काटने की अनुमति दी थी



