जालंधर 30 जून, 2026, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) क्रिएटिव एजुकेशन को नए सिरे से परिभाषित कर रही है। यह मल्टीमीडिया और एनिमेशन स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री पोर्टफोलियो बनाने, पढ़ाई के साथ-साथ कमाई करने और ग्रेजुएशन से पहले ही असल दुनिया के प्रोजेक्ट्स में योगदान देने में मदद करती है। अपने ‘एडु- रेव्लोयूशन’ ‘ फ्रेमवर्क के ज़रिए, यूनिवर्सिटी अनुभव-आधारित शिक्षा, इंडस्ट्री के साथ सहयोग, लाइव प्रोजेक्ट्स और एंटरप्रेन्योरशिप को मिलाकर स्टूडेंट्स को एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, यूआई/यूएक्स, ग्राफिक्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में करियर के लिए तैयार करती है।

नतीजों पर केंद्रित यह तरीका एलपीयू के स्टूडेंट्स और पूर्व-छात्रों की उपलब्धियों में दिखता है, जो बड़ी क्रिएटिव और टेक्नोलॉजी कंपनियों, ग्लोबल एंटरटेनमेंट प्रोजेक्ट्स और एंटरप्रेन्योरशिप के कामों में अपनी पहचान बना रहे हैं। स्कूल ऑफ़ मल्टीमीडिया एंड एनिमेशन के स्टूडेंट्स को बॉश, एचपी, नागरो और जैसे संगठनों में प्लेसमेंट मिला है, जबकि अन्य ने क्लासरूम की सीख को फ्रीलांस असाइनमेंट, स्टार्टअप और इंटरनेशनल क्रिएटिव मौकों में बदला है। इस विभाग में सबसे ज़्यादा प्लेसमेंट पैकेज ₹23.25 लाख तक पहुंचा है और 50 से ज़्यादा रिक्रूटर यहां से हायरिंग करते हैं।

एलपीयू के ‘एडु- रेव्लोयूशन’ फ्रेमवर्क के तहत, जो क्लासरूम की पढ़ाई को इंडस्ट्री से जुड़ने, एंटरप्रेन्योरशिप और लाइव प्रोजेक्ट्स के साथ जोड़ता है, यूनिवर्सिटी का पढ़ाई के साथ कमाई का तरीका स्टूडेंट्स को ग्रेजुएशन से पहले ही प्रोफेशनल करियर बनाने में मदद करता है। बी- डिजाइन (ग्राफिक्स) के स्टूडेंट सुनील चौहान ने अपने तीसरे साल में लगभग ₹20 लाख का इंटरनेशनल फ्रीलांस प्रोजेक्ट हासिल किया, जबकि रौनक अधिकारी को उनके स्टार्टअप ‘प्रोजकेट एक्स कलाउड’ के लिए गूगल क्लाउड से $200,000 की इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट मिली।

एलपीयू के स्टूडेंट्स को नेशनल और इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर भी पहचान मिल रही है। मल्टीमीडिया स्टूडेंट्स ने आईआईटी वाराणसी द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित टेक्नेक्स गेम जेम में तीसरा स्थान हासिल किया, जीओ48 इंटरनेशनल चैलेंज’ में 17 मेडल जीते। विद्यार्थी लगातार ऐसी प्रतियोगिताओं, इनोवेशन चैलेंज और इंडस्ट्री के साथ मिलकर किए जाने वाले कामों में हिस्सा ले रहे हैं, जो उनके प्रैक्टिकल अनुभव को मज़बूत करते हैं। स्कूल ने गेम डिज़ाइन, एनिमेशन, यू आई/यू एक्स और उभरती हुई डिजिटल एंटरटेनमेंट टेक्नोलॉजी में सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए ‘गेम डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया’ के साथ एक एमओयू भी किया है।

यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र इसके प्रैक्टिकल लर्निंग मॉडल के असर को दिखाते हैं। ग्रेजुएट्स ने ‘बॉर्डर 2’, ‘फास्ट X’, ‘गॉडज़िला’, ‘ब्रह्मास्त्र’ और ‘इक्कीस’ जैसी बड़ी फ़िल्मों में लाइटिंग, अनरियल आर्टिस्ट और एफएक्स टेक्निकल डायरेक्टर जैसी भूमिकाओं में योगदान दिया है।

इन उपलब्धियों को एक ऐसे इकोसिस्टम का समर्थन मिलता है जिसमें इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड बीएफएक्स, एआर/बीआर और ग्राफ़िक्स लैबोरेटरी, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की वर्कशॉप, लाइव असाइनमेंट और क्रिएटिव इंडस्ट्री के प्रोफेशनल्स के साथ लगातार बातचीत शामिल है।