
जालंधर, 25 जुलाई: हर वर्ष 25 से 31 जुलाई तक ओआरएस सप्ताह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को दस्त (डायरिया) के दौरान ओआरएस यानी ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन के महत्व के बारे में जागरूक करना है। बच्चों में दस्त एक आम समस्या है, लेकिन यदि समय पर उचित उपचार न किया जाए तो शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी के कारण यह गंभीर रूप ले सकता है। छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है और गंभीर स्थिति में यह जानलेवा भी हो सकता है।
दस्त के दौरान शरीर से पानी और सोडियम, पोटैशियम जैसे आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स निकल जाते हैं। ओआरएस शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने का सबसे सरल, सुरक्षित और प्रभावी उपाय है। ओआरएस दस्त को तुरंत बंद नहीं करता, बल्कि शरीर में पानी और लवणों की कमी को दूर कर डिहाइड्रेशन से बचाता है। इसलिए बच्चे को दस्त होने पर ओआरएस देना उपचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बच्चे को हर पतले दस्त के बाद थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ओआरएस बार-बार देना चाहिए। यदि बच्चा उल्टी कर दे तो 5-10 मिनट रुककर फिर चम्मच-चम्मच करके धीरे-धीरे ओआरएस देना चाहिए। स्तनपान करने वाले शिशु को मां का दूध लगातार देते रहना चाहिए और बच्चे का सामान्य आहार भी यथासंभव जारी रखना चाहिए।
ओआरएस बनाने का सही तरीका भी जानना बेहद जरूरी है। बाजार में उपलब्ध ओआरएस के पैकेट को पैकेट पर लिखे निर्देश के अनुसार साफ पानी की निर्धारित मात्रा में ही घोलना चाहिए। सामान्यतः एक लीटर साफ या उबले हुए ठंडे पानी में एक पूरा ओआरएस पैकेट घोला जाता है, लेकिन पैकेट पर दी गई मात्रा का ही पालन करें। इसमें अतिरिक्त चीनी, नमक, दूध या कोई अन्य पदार्थ नहीं मिलाना चाहिए। तैयार ओआरएस घोल को ढककर रखना चाहिए और 24 घंटे के भीतर उपयोग कर लेना चाहिए। बचे हुए घोल को 24 घंटे बाद फेंक देना चाहिए।
दस्त के दौरान जिंक की खुराक भी बच्चों में दस्त की अवधि और गंभीरता को कम करने में मदद करती है। इसकी उचित खुराक बच्चे की उम्र के अनुसार चिकित्सक की सलाह से दी जानी चाहिए।
हालांकि अधिकांश दस्त के मामलों में घर पर ओआरएस और उचित देखभाल से बच्चे को संभाला जा सकता है, लेकिन कुछ लक्षण गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं। यदि बच्चे के मल में खून आ रहा हो, बच्चा बहुत सुस्त या बेहोशी जैसी अवस्था में हो, बार-बार उल्टी हो रही हो, बच्चा पानी या ओआरएस न पी पा रहा हो, आंखें धंसी हुई हों या बच्चा पेशाब नहीं कर रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसे मामलों में देरी खतरनाक हो सकती है।
ओआरएस का सही और समय पर उपयोग दस्त से होने वाली जटिलताओं और डिहाइड्रेशन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस ओआरएस सप्ताह पर हमारा संदेश स्पष्ट है—दस्त में घबराएं नहीं, ओआरएस दें, स्तनपान जारी रखें और खतरे के संकेत दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।