
दिल्ली: दुनिया के दूसरे कोने में चल रहा युद्ध अब भारत के घरों की रसोई तक असर दिखाने लगा है। पिछले कुछ दिनों से कई लोगों को गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं, जिससे घरेलू बजट पर दबाव बढ़ गया है। 7 मार्च 2026 के बाद से गैस सिलेंडर की कीमतों में उछाल देखा गया है और कुछ शहरों में तो कीमत 1000 रुपये के पार पहुंच चुकी है। मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का असर अब सीधे भारत की गैस सप्लाई और दामों पर दिख रहा है।हाल ही में घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढ़ाए गए हैं। 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत लगभग 144 रुपये बढ़ गई है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर लगभग 913 रुपये का हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत करीब 912.50 रुपये, कोलकाता में करीब 939 रुपये और चेन्नई में करीब 928.50 रुपये तक पहुंच गई है।भारत अपनी जरूरत की बड़ी मात्रा में गैस विदेशों से मंगाता है। अनुमान है कि देश की लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी सप्लाई आयात पर निर्भर करती है। मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़े सैन्य तनाव ने समुद्री व्यापार को प्रभावित किया है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर असर पड़ा है। यह वही मार्ग है जहां से खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में ऊर्जा संसाधन दुनिया भर में भेजे जाते हैं। जब इस रास्ते पर खतरा बढ़ता है या जहाजों की आवाजाही धीमी होती है, तो सप्लाई प्रभावित होने लगती है। कई जहाजों को लंबा रास्ता लेकर आना पड़ रहा है, जिससे डिलीवरी में देरी हो रही है। इसी दौरान घरेलू खपत भी बढ़ गई है, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ गया है।