
मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज, जालंधर में सक्षम एनजीओ के सहयोग से स्थापित गुरु विरजानंद टेक विज़न लैब में सक्षम पंजाब द्वारा दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर इंजी. वी. के. सूद, श्रीमती नंदिता सूद तथा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगरूप सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। लगभग एक माह तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पंजाब तथा अन्य राज्यों से आए दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को डिजिटल साक्षरता, स्वतंत्र गतिशीलता, संचार कौशल एवं रोजगारोन्मुखी दक्षताओं का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन यापन करते हुए अपनी सेवाएँ प्रदान कर सकें।
इस प्रशिक्षण में श्री रजत, अभिषेक, ज्योति और खुशी ने प्रशिक्षकों के रूप में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. प्रेम सागर ने सरस्वती वंदना के साथ किया। इसके पश्चात श्रीमती दीपिका सूद ने सक्षम पंजाब की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इंजी. वी. के. सूद ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सक्षम संस्था को बधाई दी तथा अपनी ओर से प्रत्येक विद्यार्थी को 2,500 और प्रत्येक प्रशिक्षक को 5,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. जगरूप सिंह ने कहा कि उन्हें गर्व है कि सक्षम पंजाब ने इस पुण्य कार्य के लिए मेहर चंद पॉलिटेक्निक में यह प्रयोगशाला स्थापित की है। उन्होंने घोषणा की कि अब इस प्रयोगशाला को गुरु विरजानंद टेक विज़न लैब के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने बताया कि गुरु विरजानंद जी, स्वामी दयानंद जी के गुरु थे और उनका आशीर्वाद एवं प्रेरणा इस सेवा कार्य को नई ऊर्जा प्रदान करेगी, जिससे अधिक से अधिक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि कोई दृष्टिबाधित विद्यार्थी दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद डिप्लोमा करना चाहता है, तो उसे कॉलेज की ओर से पूर्ण छात्रवृत्ति (फुल स्कॉलरशिप) प्रदान की जाएगी।